स्वर्ग के चिरस्थाई पुरस्कार के लिए जीना

मेरे प्रिय मित्र, परमेश्वर प्रेमपूर्वक हमें स्वर्ग की ओर अपनी निगाहें उठाने के लिए बुलाते हैं, जहाँ सच्ची शांति  एवं स्थायी सुरक्षा पाई जाती है।

“परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा जो हाथों से बना हुआ घर नहीं, परन्तु चिरस्थाई है।"; - (2 कुरिन्थियों 5:1)

हाँ, हममें से जो लोग उनके पुत्र यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं, उनके लिए स्वर्ग में एक चिरस्थाई भवन तैयार है। लेकिन वे कौन लोग हैं जिनके लिए परमेश्वर चिरस्थाई पुरस्कार तैयार करते हैं? किस प्रकार का जीवन परमेश्वर के हृदय को प्रसन्न करता है?

यीशु मत्ती के सुसमाचार 10:41-42 में इस बारे में बात करते हैं। आइए अब इन तीन स्वर्गीय पुरस्कारों एवं उन्हें प्राप्त करने वाले लोगों के जीवन के प्रकारों पर विचार करें।

1. निष्ठावान चेलों के लिए: चेले वह है जो पूरे मन से यीशु का अनुसरण करते हैं एवं परमेश्वर के वचन को अपने जीवन के हर क्षेत्र में लागू होने देते हैं। परमेश्वर प्रसन्न होते हैं जब हम सांसारिक आकर्षणों के स्थान पर प्रार्थना, समझौते के स्थान पर पवित्रता एवं सुविधा के स्थान पर आज्ञाकारिता को चुनते हैं। और वह उन लोगों का सम्मान करते हैं जो प्रतिदिन विश्वासपूर्वक उनके साथ चलते रहते हैं। ‘सबसे कठिन समय में भी मरियम मगदलीनी यीशु के निकट रहीं। अपनी कृतज्ञता एवं भक्ति के कारण, वह पुनर्जीवित मसीह को देखने वाले पहले लोगों में से एक बनीं।’ (यूहन्ना 8:31, लूका 8:2 और यूहन्ना 19:25)

2. धार्मिक जीवन जीने के लिए: धार्मिकता का अर्थ है क्षमा, नम्रता, दया एवं पवित्रता के द्वारा अपने दैनिक जीवन में मसीह के स्वभाव को प्रतिबिंबित करना। जब हम धार्मिकता में पूर्णतः परमेश्वर के प्रति समर्पित हो जाते हैं, तो परमेश्वर हमें दूसरों को सशक्त बनाने एवं उनका मार्गदर्शन करने के लिए आध्यात्मिक अधिकार
प्रदान करते हैं। (दानिय्येल 12:3) 

3. उनके सेवकों, भविष्यवक्ताओं के लिए: भविष्यवाणी संबंधी सेवकाई परमेश्वर की करुणा को प्रकट करती है, टूटे हुए जीवन को संवारती है एवं लोगों को याद दिलाती है कि परमेश्वर उन्हें भूले नहीं हैं। लेकिन यह केवल व्यक्तियों तक ही सीमित नहीं है; परमेश्वर शहरों, राष्ट्रों एवं अगुवों के लिए भी भविष्यवाणियाँ करते हैं ताकि वे भी उनका संदेशवाहक बन सकें। (आमोस 3:7, प्रकाशितवाक्य 10:11, 1 कुरिन्थियों 14:1 और 3, यिर्मयाह 1:10 और यूहन्ना 16:33) 

“प्रभु ने मुझे विशेष रूप से दिखाया है कि उनकी भविष्यवाणीय कृपा न केवल पादरियों एवं प्रचारकों पर, बल्कि शिक्षकों एवं शैक्षणिक अगुवों, मीडिया पेशेवरों, कानूनी एवं वैधानिक पेशेवरों, उद्यमियों व व्यापारियों, और गरीबों की सेवा करने वाले व न्याय के लिए खड़े होने वालों पर भी बनी रहेगी। यहां तक  कि बच्चे भी  परमेश्वर की आत्मा से भर जाएंगे ताकि इन अंतिम दिनों में उनकी महिमा के लिए महान कार्य कर सकें।“

जैसे-जैसे हम यीशु का अनुसरण करते हैं, उनके प्रेम को प्रतिबिंबित करते हैं, उनकी भविष्यवाणिय अभिषेक की तलाश करते हैं, और दूसरों को उनके करीब लाते हैं, परमेश्वर इस पृथ्वी पर और अनंत काल में हमारी
विश्वासयोग्यता का पुरस्कार देंगे।

"हे मेरे प्यारे स्वर्गीय पिता, अपने बच्चों को आशीष दें कि वे विश्वासपूर्वक आपके मार्ग पर चलें एवं आपके शाश्वत पुरस्कारों के योग्य जीवन जिएं। उन्हें धार्मिकता और अपनी पवित्र आत्मा की शक्ति से भर दें ताकि वे दूसरों के लिए आशीष का स्रोत बनें। आपकी स्वर्गीय शांति, कृपा एवं भविष्यवाणी अनुग्रह सदा उनके जीवन पर बनी रहे। यीशु के सामर्थी नाम में मैं प्रार्थना करता हूँ, आमीन।"

 

सीओओ के डेस्क से:
मई में प्रभाव – आपके माध्यम से

पिछले महीने, दिनाकरन परिवार ने विभिन्न सभाओं एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों में सेवकाई की, लोगों के हृदय स्पर्श हुए, परिवारों को सांत्वना मिली व पवित्र आत्मा एक शक्तिशाली नदी की तरह प्रवाहित हुई एवं जीवन बदल गए। हम आपकी प्रेमपूर्ण प्रार्थनाओं व उदार समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं। केवल पिछले महीने ही हम 3 करोड़ 52 लाख प्रार्थना निवेदनों को पूरा करने एवं सेवकाई करने में सक्षम रहे, जिससे अनेकों लोगों के जीवन में परमेश्वर की शांति एवं आशीषें पहुंची है।

  • प्रार्थना भवन सेवकाई के माध्यम से 1.3 लाख लोगों को सीधे प्रार्थना एवं प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।
  • टेलीफोन प्रार्थना भवन ने जरूरतमंदों की मदद करते हुए 3.9 लाख अनमोल जिंदगियों को सहारा दिया।
  • पत्रों व ईमेल के माध्यम से 59,100 लोगों तक प्रार्थना पहुंची।
  • डायल-ए-प्रेयर कॉल के माध्यम से 13,500 लोगों को शक्ति और आशा मिली।
  • यीशु बुलाता है वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से 2.2 मिलियन से अधिक लोगों तक प्रार्थना पहुंची।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 3.24 करोड़ दर्शकों तक पहुंचे, जिससे मसीह की आशा व प्रेम से जिंदगियों और परिवारों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
  • डायनामिक किड्स कैंप के माध्यम से 20,000 बच्चों को आशीषें मिली।

 

कारूण्या विश्वविद्यालय
(मसीह-केंद्रित शिक्षा के माध्यम से जीवन का परिवर्तित होना।)

  • 2026 बैच के इंजीनियरिंग स्नातकों में से 90% छात्रों को कैंपस में प्लेसमेंट मिल चुका है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एक छात्र को वास्को मैरीटाइम में 19.56 एलपीए के पैकेज के साथ प्लेसमेंट मिला है।
  • कारूण्या की छात्र टीम ने कॉग्निजेंट द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित "टेक्नोवर्स हैकाथॉन 2026" में "ड्रगरिपरपोजिंग" पर अपने नवाचार के लिए दूसरा उपविजेता स्थान प्राप्त किया और 1 लाख रूपये का नकद पुरस्कार जीता।
  • जीवन रक्षक अनुप्रयोगों के लिए पोर्टेबल, कम लागत वाली सीपीएपी मशीन और शिशु निगरानी के लिए  स्मार्ट क्रैडल डिवाइस के विकास पर कारूण्या संकाय समूह को दो पेटेंट प्राप्त हुए।
  • कारूण्या के नौ छात्र स्पेन के एलिकांटे विश्वविद्यालय, कनाडा के केप ब्रेटन विश्वविद्यालय, लिथुआनिया के विनियस विश्वविद्यालय व दक्षिण कोरिया के वूसोंग विश्वविद्यालय में सेमेस्टर-विदेश कार्यक्रम के तहत स्वचालन और रोबोटिक्स में उन्नत पाठ्यक्रम कर रहे हैं और प्रोफेसरों के साथ संयुक्त परियोजनाओं में भी
  • शामिल हैं।
  • कारूण्या विश्वविद्यालय में 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जल्द ही समाप्त होने वाली है। अधिक जानकारी  के लिए www.karunya.edu पर जाएं। 

 

सीशा
(खुशियाँ फैलाना एवं उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना)

  • चेन्नई के वानागरम में गरीब युवाओं के लिए व्यापक कौशल विकास एवं रोजगार कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जीवन कौशल, सॉफ्ट स्किल्स एवं रोजगार क्षमता पर केंद्रित बाजार-अनुकूल कौशल प्रदान करना है।
  • सीशा के उत्तर भारत परियोजना केंद्रों में वंचित समुदायों के 755 से अधिक बच्चों को कपड़े और स्कूल किट प्राप्त हुए।
  • राँची में सेंटर फॉर वेल-बीइंग ने 107 मरीजों को परामर्श सहायता प्रदान की और 68 प्रशिक्षुओं को कौशल विकास कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रमाण पत्र दिए गए।

 

जून के महीने में किये जाने वाली सेवकाईयाँ

आइए हैदराबाद प्रार्थना भवन का निर्माण करें: प्रार्थना एवं परामर्श के लिए आने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए, हम हैदराबाद में एक विशाल, नया प्रार्थना भवन बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य इस प्रार्थना भवन के माध्यम से प्रतिवर्ष 12 लाख दुखी एवं पीड़ित लोगों को आशीष देना है। हम इसे इस जुलाई में शुरू करने का लक्ष्य रख रहे हैं। भूतल और प्रथम मंजिल का निर्माण पूर्ण हो चुका है। शेष भागों - प्रार्थना सभागार, चैपल, परामर्श एवं प्रार्थना कक्ष और टेलीफोन प्रार्थना भवन की सुविधाओं को पूरा करने के लिए रूपये 5 करोड़ की आवश्यकता है।

असंख्य दुखी जिंदगियों के लिए आशा का आश्रय स्थल बनाने के इस नेक उद्देश्य में प्रायोजक या सह-प्रायोजक बनकर हमारा साथ दें। आपके नाम संबंधित कमरों और चैपल में प्रदर्शित किए जाएंगे। आप इस लिंक के माध्यम से दान कर सकते हैं: https://bit.ly/HYDPTBF

प्रार्थना भवनों से आयोजित आउटरीच सभाएँ:

  • 13 जून – त्रिवेंद्रम प्रार्थना भवन, नेदुमंगड द्वारा प्रार्थना सभा।
  • 20 जून – चित्तूर प्रार्थना भवन, पलमनेर द्वारा प्रार्थना सभा।
  • 27 जून – अन्ना नगर प्रार्थना भवन, रेड हिल्स, चेन्नई द्वारा प्रार्थना सभा।

यदि आप इन स्थानों में या इनके आसपास रहते हैं, तो कृपया निकटतम प्रार्थना भवनों से संपर्क करें एवं इसमें भाग लें।

इस उद्देश्य के लिए प्रार्थना करें एवं यीशु की जरूरत वाले लोगों की मदद करने के लिए अपना समर्थन दें।  आइए, हम सब मिलकर सुसमाचार को पृथ्वी के कोने-कोने तक फैलाएँ और लोगों के जीवन में बदलाव लाएँ। अधिक जानकारी के लिए www.jesuscalls.org पर जाएँ।

कृपया इस लिंक पर क्लिक करने के माध्यम से हमें बताएं कि परमेश्वर ने यीशु बुलाता है के माध्यम से आपको  किस प्रकार आशीष दी है: https://www.jesuscalls.org/testimony